Follow by Email

Sunday, 13 August 2017

प्रतीक्षा हो रही लम्बी, भुलाओ मत चले आओ-

अजी अब देर क्यों करते, चले आओ चले आओ।
प्रतीक्षा हो रही लम्बी, भुलाओ मत चले आओ।।

यहाँ तू शर्तिया आये,खबर सुन मौत की मेरी।
दुखी जब सब सुजन मेरे, सुनें वे सांत्वना तेरी।
नहीं मैं सुन सकूँगा तब, अभी आके सुना जाओ।
अजी अब देर क्यों करते, चले आओ चले आओ।

करोगे माफ मरने पर, हमारे पाप तुम सारे ।
करोगे कद्र भी मेरी, पड़ा निर्जीव जब द्वारे।
नहीं मैं देख पाऊँगा, यही तुम आज दिखलाओ।
अजी अब देर क्यों करते, चले आओ चले आओ।

अभी कुछ व्यस्त ज्यादा हो, तुम्हें फुरसत नहीं मिलती ।
कहोगे व्यक्ति उम्दा था, मगर तब देह ना हिलती।
घरी भर साथ बैठो तुम, नही यूँ आज इतराओ।
अजी अब देर क्यों करते, चले आओ चले आओ।

No comments:

Post a Comment