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Monday, 12 October 2015

होते जीव हलाल, बैठ के देखें बन्दर

Image result for गांधी जी के तीन बन्दर 
बन्दर-भालू-सर्प बिन, मरा मदारी आज |
पशु-अधिकारों पे उठी, जब से ये आवाज |

जब से ये आवाज, हुवे खुश कुत्ता बिल्ली |
अभयारण में बाघ, सुरक्षित करती दिल्ली |

किन्तु विरोधाभास, देश-दुनिया के अंदर |
होते जीव हलाल, बैठ के देखें बन्दर ||

5 comments:

  1. बहुत खूब । नार्थ ईस्ट में कुत्ता बिल्ली भी चलती है । नागा रेजिमेंट जब हमारे यहाँ आई थी उस समय शहर से बहुत से कुत्ते लापता हो गये थे :)

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  2. सार्थ कुण्डलिया।
    बहुत दिनों बाद आपकी सक्रियता देखने को मिली।
    --
    शारदेय नवरात्रों की हार्दिक शुभकामनाएँ।

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  3. जब से ये आवाज, हुवे खुश कुत्ता बिल्ली |
    अभयारण में बाघ, सुरक्षित करती दिल्ली
    ..बहुत खूब!
    नवरात्र की मंगलकामनाएं!

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    धन्यवाद |

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