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Friday, 11 July 2014

बुरा उद्यमी व्यक्ति, भला करता जो चोरी -

कोरी लफ्फेबाजियां, फौरी करे निदान । 
यह ढफोरशंखी क्रिया, करे राह आसान । 

करे राह आसान, बैठ के गप्प मारिये । 
भली करें भगवान, पीढ़ियाँ सात तारिये । 

बुरा उद्यमी व्यक्ति, भला करता जो चोरी । 
कालिख से ही रंग, रखे क्यों चादर कोरी ।। 

7 comments:

  1. बहुत बढ़िया प्रस्तुति-

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  2. वाह! व्यंग्य परक सीखोक्तियां .सूक्तियाँ रविकर की सबको करें निहाल .

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  3. बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल रविवार (12-07-2014) को "चल सन्यासी....संसद में" (चर्चा मंच-1672) पर भी होगी।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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  4. बढ़िया सटीक ..! आदरणीय धन्यवाद

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  5. बेहतरीन प्रस्‍तुति

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  6. करे राह आसान, बैठ के गप्प मारिये ।
    भली करें भगवान, पीढ़ियाँ सात तारिये ।
    .,..बहुत सही .. यही देखने को मिलता है आजकल ज्यादातर

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