Follow by Email

Thursday, 2 January 2014

आगे पीछे सिरफिरे, फिरे नहीं इस बार-


फूली फूली फिर फिरे, धनिया बीच बजार । 
आगे पीछे सिरफिरे, फिरे नहीं इस बार । 

फिरे नहीं इस बार, धार कानूनी तीखी । 
लें व्यवहार सुधार, सोच भी साधु सरीखी। 

रविकर रहे सचेत, करे ना हुक्म-उदूली। 
कई धुरंधर खेत, देखकर धनिया फूली ॥ 

7 comments:

  1. बहुत सुन्दर. नव वर्ष की शुभकामनाएँ !!
    नई पोस्ट : नींद क्यों आती नहीं रात भर

    ReplyDelete
  2. बहुत सुंदर प्रस्तुति...!
    नव वर्ष की हार्दिक बधाई और शुभकामनाए...!
    RECENT POST -: नये साल का पहला दिन.

    ReplyDelete
  3. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल शुक्रवार (03-01-2014) को "एक कदम तुम्हारा हो एक कदम हमारा हो" (चर्चा मंच:अंक-1481) पर भी होगी!
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    ईस्वीय सन् 2014 की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

    ReplyDelete
  4. बहुत बढ़िया !
    नया वर्ष २०१४ मंगलमय हो |सुख ,शांति ,स्वास्थ्यकर हो |कल्याणकारी हो |
    नई पोस्ट विचित्र प्रकृति
    नई पोस्ट नया वर्ष !

    ReplyDelete
  5. सुन्दर प्रस्तुति नया साल आपको और आपके परिवार को भी मुबारक फलें फूलें लिखें इसी तरह आप .

    ReplyDelete
  6. बहुत सुन्दर प्रस्तुति। । नव वर्ष की हार्दिक बधाई।

    ReplyDelete