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Sunday, 23 February 2014

रे मौसेरे चोर, प्रलापी अबतो चुपकर-

केजरीवाल की खुजली और गैस के दाम

ZEAL 
 ZEAL 





 बानी केजरि वाल की, प्रश्न रही है दाग |
नमो न मो दी गैस नूँ , आग लगा के भाग |

आग लगा के भाग, भाग सरकार छोड़ के |
गुणा-भाग में लाग, नियम कानून तोड़ के |

है सांसत में जान, बिगड़ती राम-कहानी |
खाँसी से नादान, भगाएगा अम्बानी ||

राहुल की रेली मे आओ 300 रुपये पाओ ( वीडियो सबूत )

SACCHAI 
मज़बूरी मजदूर की, भैया पहले जान |
राहुल बाबा से रही, है पहचान पुरान |

पहचान पुरान, फीस तो नहीं लगाए |
देना पड़ता पॉंच, यहाँ पर किन्तु कमाए |

दिनभर की जो आय, आय के देते पूरी |
जय जय राहुल राज, राज रखना मजबूरी ||

साही की शह-मात से, है'रानी में भेड़ |
खों खों खों भालू करे, दे गीदड़ भी छेड़ |

दे गीदड़ भी छेड़, ताकती ती'जी ताकत |
हाथी बन्दर ऊंट, करे हरबार हिमाकत |

अब निरीह मिमियान, नहीं इस बार कराही |
की काँटों से प्यार, सवारी देखे साही ||

दिल्ली को तहरीर चौक बनाना चाहता था - केजरीवाल की साजिश ( वीडियो )

SACCHAI 







 पाना-वाना कुछ नहीं, फिर भी करें प्रचार |
ताना-बाना टूटता, जनता करे पुकार |

जनता करे पुकार, गरीबी उन्हें मिटाये  |
राजनीति की मार, बगावत को उकसाए |

आये थे जो आप, मिला था एक बहाना |
किन्तु भगोड़ा भाग, नहीं अब माथ खपाना ||

पोल खोलते पोपले, सन चौदह के पोल |
किन्तु ढोल में पोल है, कौन सकेगा खोल |

कौन सकेगा खोल, खोल में बैठे छुपकर |
रे मौसेरे चोर, प्रलापी अबतो चुपकर |

कर्महीन-ई-मान, फटाफट रस्ता नापो |
नहीं काम पर ध्यान, व्यर्थ में कागज़ छापो || 


5 comments:

  1. पाना-वाना कुछ नहीं, फिर भी करें प्रचार |

    ताना-बाना टूटता, जनता करे पुकार |




    जनता करे पुकार, गरीबी उन्हें मिटाये |

    राजनीति की मार, बगावत को उकसाए |




    आये थे जो आप, मिला था एक बहाना |

    किन्तु भगोड़ा भाग, नहीं अब माथ खपाना ||
    बानी केजरि वाल की, प्रश्न रही है दाग |

    नमो न मो दी गैस नूँ , आग लगा के भाग |




    आग लगा के भाग, भाग सरकार छोड़ के |

    गुणा-भाग में लाग, नियम कानून तोड़ के |




    है सांसत में जान, बिगड़ती राम-कहानी |

    खाँसी से नादान, भगाएगा अम्बानी ||


    वाह मजा आ गया रविकर साहब

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  2. वाह ... मस्त हलचल लिंक ... कजरी की खांसी ... क्या क्या न कर दे ...

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  3. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल मंगलवार (25-02-2014) को "मुझे जाने दो" (चर्चा मंच-1534) पर भी होगी!
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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