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Thursday, 6 December 2012

यू पी माया विकट, मुलायम मूषक होता -



रंगे सियार ..

  ZEAL  
होता पर्दाफाश है, खा खरबूजा खाज ।
 हुक्कू हूँ डट के किया, जोर-शोर का राज ।
जोर-शोर का राज, ऊँट किस करवट बैठे ।
बड़े मतलबी दोस्त, रहे बाहर से ऐंठे ।
अन्दर मेल-मिलाप, बना सत्ता का तोता ।
यू पी माया विकट, मुलायम मूषक होता ।


कौड़ियों के मोल जान- मेरा भारत महान !

पी.सी.गोदियाल "परचेत" 
 आला अधिकारी लड़ें, नेता भी मशगूल |
शर्मिंदा है मेडिकल, करते ऊल-जुलूल |
करते ऊल-जुलूल, हजारों बन्दे मारो  |
मातु-पिता को जेल, नार्वे में फटकारो |
रविकर यह दुर्दशा, पड़ा सत्ता से पाला |
डायलिसिस पर देश, डाक्टर खोता आला ||

होंगे ख़त्म बिचौलिया, भरे माल में माल ।
खेतिहर मालामाल हो, ग्राहक भी खुशहाल ।
 
 ग्राहक भी खुशहाल, मिले मामा परदेशी ।
ईस्ट-इंडिया काल, लूट करते क्या वेशी ?
रविकर बड़े दलाल, बटोरेंगे अब ठोंगे ।
दस करोड़ बदहाल, आप भी इनमें होंगे ।।


गीर अभ्यारण : शेर ही शेर

महेन्द्र श्रीवास्तव  
संसद से चालू सड़क, धड़क धड़क गिरि जाय |
कुत्तों से ही अनगिनत, रविकर झुण्ड दिखाय  |
रविकर झुण्ड दिखाय, इन्हें भी सिंह कहे हैं-
होकर राजा श्रेष्ठ, शेरनी-जुल्म सहे हैं |
रहे बोलती बंद, प्रफुल्लित हम हैं बेहद |
जारी है दृष्टांत, देखनी यह भी संसद ||

जाने अच्छी तरह वह, सद-स्नेहिल स्पर्श-


श्री राम की सहोदरी : भगवती शांता सर्ग-1 / 2/ 3

 के अंश 
नीति नियम रक्खी बना, दस तक शिक्षा देत |
कथा जुबानी सिखा के, प्रति अधिकार सचेत ||

दस की बाला को सिखा,  निज शरीर के भेद |
साफ़ सफाई अहम् है, काया स्वच्छ सुफेद ||

वाणी मीठी हो सदा, हरदम रहे सचेत |
चंडी बन कर मारती, दुर्जन-राक्षस प्रेत ||

जाने अच्छी तरह वह, सद-स्नेहिल स्पर्श |
गन्दी नजरें भापती, भूले न आदर्श ||

Can Vitamin C Help My Immune System ?

Virendra Kumar Sharma 
ताजे फल तरकारियाँ, नींबू मिर्ची तीक्ष्ण |
करिए नित व्यायाम भी, नियमित सेहत वीक्ष्ण |
नियमित सेहत वीक्ष्ण, रोग रोधी होती है |
टूट-फूट कोशिका, इन्हें भी संजोती है |
रखिये अपना ख्याल, समझिये जरा तकाजे |
गर्म दुशाला डाल, रहो बन हरदम ताजे ||

8 comments:

  1. रंगे सियार , क्या खूब शब्द इस्तेमाल किया आपने इन लोगो के लिये , बधाई

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  2. बहुत सुन्दर समीक्षात्मक काव्यमयी प्रस्तुति!

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  3. बढिया लिंक्स
    मुझे शामिल करने के लिए आभार

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  4. जय हो माया मुलायम ...
    कमाल के छंदों से सजी प्रस्तुति ...

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  5. अच्छे लिंक्स की कुंडलिक समीक्षा ।

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  6. बढिया लिंक्स

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  7. बढ़िया लिखा है |रंगे सिया ,आधा सच अच्छे लगे |
    आशा

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  8. बहुत बढ़िया सैम-सामयिक प्रस्तुति
    आभार

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