Tuesday, 16 April 2013

कर रविकर तू वोट, जियें कुल बच्चा बच्ची -

उपेक्षित होने का दर्द कहलवा रहा है दूसरे ब्लॉगों को Bakwas

DR. ANWER JAMAL 
 Blog News   

बच्ची बच्चा बस बचा, चचा चची का जोर । 
धमाचौकड़ी ले मचा, नचा रहा मन-मोर । 

नचा रहा मन-मोर, मुबारक क्लिक किलकारी । 
लिखते ब्लॉग करोर, किन्तु कुछ ही नर नारी । 

डालें व्यापक छाप, छाप कर झूठी सच्ची । 
कर रविकर तू वोट,  जियें कुल बच्चा बच्ची ॥  


Monday, 15 April 2013

घाटे का व्यापार, करे क्या कोई मोदी ??

पूरण खण्डेलवाल
 कुण्डलियाँ 
*मोदीखाने में विजी, गुजराती खामोश ।
जला गो-धरा देखकर, गुजरा तीखा रोष । 

गुजरा तीखा रोष,  दोष फिर भी है देना । 
पानी पी पी कोस, सेक्युलर तमगा लेना । 

वोट बैंक की नीति, पूतना ले ले गोदी । 
घाटे का व्यापार, करे क्या कोई मोदी ??

मोदीखाना=गोदाम 
मोदी=दुकानदार  
  गुजरा तीखा *मोश
 मोश=लूट , ठगी
 

Sunday, 14 April 2013

नागँवार उनको लगे, जब ना लिखे गँवार-

नियमित नहिं लिक्खाड़-लिंक, लिख पाया ना सार । 
नागँवार जग-को लगे, जब ना लिखे गँवार । 

जब ना लिखे गँवार, मुश्किलें आईं हटकर । 
दुश्मन रहें प्रसन्न, सन्न सन्नाटा रविकर । 
 
बीते आपद-काल, शीघ्र हो जाय व्यवस्थित । 
त्वरित टिप्पणी छाप, ब्लॉग पर आये नियमित ॥ 

नीतीश की हरकत से मज़ा आ गया

दिवस 
 भारत स्वाभिमान दिवस

तीसमार खाँ तीर से, कर के गया गुनाह |
अल्लाता अलसेटिया, अभिनन्दित अल्लाह |

अल्लाता=चिल्लाना
अलसेटिया=व्यर्थ में अडंगा डालने वाला

Wednesday, 10 April 2013

मर्द-जात बदजात, व्यर्थ ही बदन संवारी-




NAND KISHOR GUPTA 

वारी जाऊं क्यूँ कहूँ, फेरे पुरुष निगाह । 
बन-ठन कर फेरे लगा, रहा कलेजा दाह । 

रहा कलेजा दाह, राह पर धूल फांकता । 
गुजरा पूरा साल, नया कानून सालता। 

चुकता जाए धैर्यकरे क्या कन्या क्वाँरी  । 
मर्द-जात बदजात, व्यर्थ ही बदन संवारी


मुदित-मुदिर मुद्रा मटक, मुद्रा मुफ्त कमाय -

मुदित-मुदिर मुद्रा मटक, मुद्रा मुफ्त कमाय । 
जिला रही नश्वर बदन, जिला-जवाँर घुमाय । 
यमक अलंकार मुद्रा / जिला 
जिला-जवाँर घुमाय, जवानी के जलवे हैं । 
रूपाजीवा हाय, हुवे दंगे बलवे हैं । 

मरे हजारों लोग, लांछना लेकिन अनुचित । 
रविकर मरता जाय, मगन मन झांके प्रमुदित । । 
मुदिर=कामुक 
रूपाजीवा = वेश्या


रहा खुदा को भूल, बोलता खुद की जै जै-

कासी काबा कोसती, काया कोसों दूर । 
सुरसाई सुमिरै नहीं, सोहै सुरा सुरूर ।  

सोहै सुरा सुरूर, इसी में जीवन खोजै । 
रहा खुदा को भूल, बोलता खुद की जै जै । 

खाना पीना मौज, स्वार्थी अति कटु-भाषी । 
भोगे कष्ट-अपार,  प्राण की कठिन निकासी । 

Friday, 5 April 2013

नर नरेन्द्र निर्दोष, बताये बैलट-जूरी-

गुजरात का कर्ज़ उतार दिया है अब देश का उतारूँगा.....
.
.इसके लिए किसका कत्ले-आम होगा????
रविकर की टिप्पणी 

मूरी गाजर से कटे, बटे घटे भूखंड |
हमलावर देते जला, सहे "गो धरा" दंड |

सहे "गो धरा" दंड, सिक्ख सैनिक बन जाते |
मचता कत्ले आम, जिन्हें "चौरासी" खाते |

नर नरेन्द्र निर्दोष, बताये बैलट-जूरी |
   पब्लिक का प्रतिकार, जंग रूकती तैमूरी ||

Thursday, 4 April 2013

आये बाज बजाज नहिं , राहुल की इस्पीच

आये बाज बजाज नहिं , राहुल की इस्पीच । 
बॉडी लैंग्वेज भा गई, भूले बाकी चीज । 

भूले बाकी चीज, भाजपा को ना भाये । 
मोदी पर बेवजह, बहुत राहुल झल्लाये । 

रविकर चोंच लडाय, बाज को पुन: जिताए । 
गौरैय्या का भाग्य, बाज फिर से ना आये ॥ 

Sunday, 31 March 2013

पूतो फलो मनीष, मनीषा अरुण मुबारक-

मनीषा के जन्मदिवस पर गुरुदेव श्री शास्त्री सर का अनमोल उपहार

 
दूल्हा दुलहन को मिले, सबका स्नेहाशीष |
कहता जग दूधो नहा, पूतो फलो मनीष |

पूतो फलो मनीष, मनीषा अरुण मुबारक |
मानवता से प्रेम, युगल हो प्रेम प्रचारक |

रविकर ब्रेक के बाद, पोतता अपना चूल्हा |
होली के पकवान, ग्रहण कर दुलहिन दूल्हा ||