कॉंग्रेस महाचोर है सबूत ये रहे (मोदी को बदनाम करने का षड्यंत्र)
SACCHAI
कांगरेस की डूबती, लुटिया बारम्बार ।
हार हार हुल्लड़ हटकु, हरदम हाहाकार ।
हरदम हाहाकार, मौत का कह सौदागर ।
बढ़ा गई सोनिया, विगत मोदी का आदर ।
तरह तरह के चित्र, बिगाड़ें इमेज देश की ।
शत्रु समझ गुजरात, चाल अघ कांगरेस की ।।
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विचार
देश भक्ति के नाम पर, भाषण यह उत्कृष्ट |
विंस्टन चर्चिल दाद दें, अंकित स्वर्णिम पृष्ट | अंकित स्वर्णिम पृष्ट, मरा था कर्जन वायली | पर गांधी की दृष्टि, धींगरा व्यर्थ हाय ली | सत्य अहिंसा थाम, काम कर गए शक्ति के | राष्ट्रपिता का नाम, देवता देशभक्ति के || |
ब्लॉग परिचय ''यादें ''
आमिर दुबई
आदरणीय अशोक जी, कहें सलूजा सा'ब । यादें इनका ब्लॉग है, पढ़ते गजल जनाब । पढ़ते गजल जनाब, बड़े जिंदादिल शायर । कंकड़ पत्थर बीच, दीखते आप *सफायर ।। स्वस्थ रहें सानंद, बधाई देता रविकर । शानदार हर शेर, नौमि करता हूँ सादर ।। *नीलम |
आज याद आयाAsha Saxena
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जी संपादकों की समझदारी बढ़ी होगी
रणधीर सिंह सुमन
सुनी सुनाई पर सदा, करते थे एतबार । सत्ता-डंडा जोड़ दो, हो कितना खूंखार । हो कितना खूंखार, निखर कर यह आयेंगे । जिंदल मुर्दल सीध, सभी तब हो जायेंगे । क्राइसिस पर अफ़सोस, मगर हिम्मत रख भाई । तनिक मीडिया दोष, करे क्यूँ सुनी सुनाई ।। |
तीन मछलियाँ (काव्य-कथा)
Kailash Sharma
तीन मछलियों की कथा, देती हमें सिखाय |
बुद्धि लगाओ स्वयं या, लो दूजे की राय || |










