Follow by Email

Thursday, 25 August 2011

लगा क्यूँ बैठा चुप्पी

चुप्पी   के   युवराज  की, पार्टी   बोले   जै |
दूजे  दल  का  मामला, करते  झटपट  कै | 

करते  झटपट  कै, करें  खुब  तीखे  हमले |
हो  माया  की  बात, सुनाते  प्यारे  जुमले |

पर अनशन अफ़सोस, द्वेष की कडुवी झप्पी |
नव-गाँधी  नव-दिन,  लगा  के  बैठा  चुप्पी ||


Rahul Gandhi concerned over logjam on Hazare issue 
अरुणेश दवे जी ने अभी बताया कि चुप्पी टूट गई ---
अन्ना को भ्रष्टाचारी बताने वाले मनीष तिवारी से भी खतरनाक 
ढपोर-शंख बाजा ---   
एक मांगने पर दो बोले, दो  मांगो तो चार है |
ये भी तो ऐ राहुल चुप्पे, तेरा भ्रष्ट व्यवहार है ||


12 comments:

  1. अंदर की बात है ... अच्छी प्रस्तुति

    ReplyDelete
  2. वाह ! क्या लिखा है आपने सचमुच लाजावाब...
    आप भी यहाँ जरुर आये मुझे ख़ुशी होगी
    MITRA-MADHUR
    MADHUR VAANI
    BINDAAS_BAATEN

    ReplyDelete
  3. पर अनशन अफ़सोस, द्वेष की कडुवी झप्पी |
    नव-गाँधी दिन-नव, लगा के बैठा चुप्पी ||..

    keen observation.

    .

    ReplyDelete
  4. चुप्पी के युवराज की, पार्टी बोले जै |
    दूजे दल का मामला, करते झटपट कै |
    करते झटपट कै, करें खुब तीखे हमले |
    हो माया की बात, सुनाते प्यारे जुमले |

    पर अनशन अफ़सोस, द्वेष की कडुवी झप्पी |
    नव-गाँधी दिन-नव, लगा के बैठा चुप्पी ||
    पूतना माया का दूध पीके ही मरेगा "नरेगा ".
    बेहतरीन चुटकी इस मंदमति बालक पर ,जिसकी ओक्सफोर्ड-, डिग्री भी नकली ..,म

    ReplyDelete
  5. चुप्पी के युवराज की, पार्टी बोले जै |
    दूजे दल का मामला, करते झटपट कै |
    करते झटपट कै, करें खुब तीखे हमले |
    हो माया की बात, सुनाते प्यारे जुमले |

    पर अनशन अफ़सोस, द्वेष की कडुवी झप्पी |छा गए हमारे रविकर जी ,अब मंदमति की खैर नहीं ,जो भाग सके वो भाग गए ......अब बचे खुचों की ठौर नहीं .......
    बृहस्पतिवार, २५ अगस्त २०११
    बहुत देर कर दी हुज़ूर आते आते ......
    http://veerubhai1947.blogspot.com/
    Friday, August 26, 2011
    "बद" अच्छा "बदनाम" बुरा...
    "बद अच्छा ,बदनाम ,बुरा
    बिन पैसे ,इंसान बुरा ,
    काम सभी का ,एक ही है ,पर मनमोहन का नाम बुरा .------
    http://kabirakhadabazarmein.blogspot.com/

    ReplyDelete
  6. बोल दिया है चुप्पे ने ढपोर शंख की तर्ज पर बड़े वादे कर दिया कि क्या छॊटी चीज मांगते हो बड़ा सोचो

    ReplyDelete
  7. एक मांगने पर दो बोले, दो मांगो तो चार |
    यह भी तो ऐ राहुल प्यारे, लागे भ्रष्टाचार ||

    ReplyDelete
  8. बोल दिये हैं राहुल बाबा भी संसद में, शायद आपकी पोस्ट का असर है।

    कमेंट्स पढ़ता रहा हूँ आपके, हर मौके पर त्वरित प्रतिक्रिया प्रभावित करती है।

    ReplyDelete
  9. एक मांगने पर दो बोले, दो मांगो तो चार |
    यह भी तो ऐ राहुल प्यारे, लागे भ्रष्टाचार ||...आप की सोच की
    बारीकी को सलाम....

    ReplyDelete
  10. बहुत -बहुत आभार ||

    ReplyDelete
  11. एक मांगने पर दो बोले, दो मांगो तो चार है |
    ये भी तो ऐ राहुल चुप्पे, तेरा भ्रष्ट व्यवहार है ||
    --
    वाह क्या बात है।
    वन्देमातरम्।

    ReplyDelete