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Sunday, 20 October 2013

जनम जनम का साथ, करो फिर काहे करवा-


करवा चौथ की शुभकामनायें 

करवा व्रत करवा रहा, भला कौन नादान |
रत्ती भर माने नहीं, रविकर यह एह'सान |

रविकर यह एह'सान, जिन्दगी लम्बी पाई |
पाई पाई किन्तु, वसूले रोज *लुगाई |

इक दिन हाथों-हाथ, शेष दिन देती मरवा |
जनम जनम का साथ, करो फिर काहे करवा ||

*पत्नी 

9 comments:

  1. रविकर यह एह'सान, जिन्दगी लम्बी पाई |
    पाई पाई किन्तु , वसूले रोज *लुगाई |

    बहुत बढ़िया रविकर जी,,,,

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  2. लौट के आये करवाचौथ का लड्डू खाये सुंदर स्वागत है :)

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  3. बहुत सुन्दर

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  4. हास्य का अंश लिए मस्त कुंडली ...

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  5. यार इतना क्रूर न बनो .

    सारे दिन में घर में खटे,पाए न विश्राम ,

    पति परमेश्वर के बिना न ही कोई धाम .

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