Follow by Email

Saturday, 14 December 2013

लेकिन कई कुलीन, उड़ाते इनकी खिल्ली-


"विविध दोहावली-पच्चीस दोहे" (डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक')

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक 


पच्चीसा सुन्दर रचा, शामिल बढ़िया कथ्य |
शिल्प सुगढ़ है दीखता, हैं सटीक सब तथ्य ||

AAP asks clarification on 17 Points from BJP Congress seeks 10 days to decide on Gov. Formation

SM

From Politics To Fashion 


प्रोपेगंडा कर रहे, शर्त अनाप-शनाप |
वोट-बैंक में वृद्धि हित, लगे रात-दिन आप |

लगे रात दिन आप, पिछड़ती जाए दिल्ली |
देखो छींका टूट , भाग्यशाली यह बिल्ली |

इक इमान की बात, बनाया बढ़िया फण्डा |
नहीं करेंगे काम, करेंगे प्रोपेगंडा || 

*सत्तारी बैठे रहे, तब सत्ताइस आम |
जुड़े केजरीवाल से, पाने लगे सलाम |
*फुर्सत में 

पाने लगे सलाम, काम दे देती दिल्ली |
लेकिन कई कुलीन, उड़ाते इनकी खिल्ली |

रविकर करे सचेत, छेड़ मत मधु का छत्ता |  
आये इनके हाथ, आज-कल में ही सत्ता ||



कारें चलती देश में, भर डीजल-ईमान |
अट्ठाइस गण साथ में, नहिं व्यवहारिक ज्ञान |

नहिं व्यवहारिक ज्ञान, मन्त्र ना तंत्र तार्किक |
*स्नेहक पुर्जे बीच, नहीं ^शीतांबु हार्दिक |
*लुब्रिकेंट  ^ कूलेंट 

गया पाय लाइसेंस, एक पंजे के मारे |
तो स्टीयरिंग थाम, चला दिखला सर-कारें ||


8 comments:

  1. आदरणीय बढ़िया प्रस्तुति व सूत्र , धन्यवाद

    ReplyDelete
  2. बहुत सुन्दर प्रस्तुति ,सादर

    ReplyDelete
  3. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    पोस्ट का लिंक कल सुबह 5 बजे ही खुलेगा।
    --
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल रविवार (15-12-13) को "नीड़ का पंथ दिखाएँ" : चर्चा मंच : चर्चा अंक : 1462 पर भी होगी!
    --
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

    ReplyDelete
  4. जुड़े केजरीवाल से, पाने लगे सलाम-
    *सत्तारी बैठे रहे, तब सत्ताइस आम |
    जुड़े केजरीवाल से, पाने लगे सलाम |
    *फुर्सत में

    पाने लगे सलाम, काम दे देती दिल्ली |
    लेकिन कई कुलीन, उड़ाते इनकी खिल्ली |

    रविकर करे सचेत, छेड़ मत मधु का छत्ता |
    आये इनके हाथ, आज-कल में ही सत्ता ||

    क्या बात है क्या भविष्य कथन है .

    ReplyDelete