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Friday, 30 September 2011

स्वतंत्र-दोहे

प्यार बढ़े मदहोश हों,  बेशक  औरत मर्द |
मदद दूसरा क्यों करे, बढ़ जाए  जब   दर्द ??


पंखो  को  फैला उड़ा , मिला   खुला  आकाश  |
जीवन-नौका  से  करूँ, खुद की खुदी तलाश ||

सब्जी फल खुब खाइए, सदा दोपहर शाम |
ठीक हाजमा रहेगा, सुबह-सुबह आराम ||

पैदल  चलने से  सरल,  नहीं है कोई योग |
सेहत की सेहत सही,  बने बचत का जोग ||

भोजन के दरम्यान तू, पानी पीना स्वल्प |
घरी बाद पी प्रेम से,  काया काया-कल्प ||


छोरे  के  सम्मुख  सदा, रहो  धीर गंभीर |
अगर छिछोरापन किया, छोरा देगा पीर ||

कुंडली
आज धृष्टता-दुष्टता, करती जय-जयकार |
खच्चर बनके शिष्टता, डूब रही मझधार |
डूब रही मझधार, दुष्ट-जन हुए दिविष्ठी |
लक्षण दिखे अरिष्ट, छीन कर खाए मिष्टी | 
रविकर कुंठा ग्रसित, जीतती यहाँ भ्रष्टता |
शिष्टता हुई कमजोर, बलवती आज धृष्टता || 
अरिष्ट लक्षण-मृत्य के लक्षण
दिविष्ठ - स्वर्ग में रहने वाला 

14 comments:

  1. दोहे और कुंडली दोनों अतिउत्तम हैं !दोहों के माध्यम से तो बहुत अच्छी शिक्षा दी है !आभार

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  2. वाह दिनेश जी ... मज़ा आ गया इन दोहों और कुंडलियों को पढ़ के ... और पहला वाला दोहा तो कमाल का है ...

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  3. क्या बात है,
    बहुत बढिया, आपको पढकर वाकई आनंद आताहै।

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  4. सब्जी फल खुब खाइए, सदा दोपहर शाम |
    ठीक हाजमा रहेगा, सुबह-सुबह आराम ||खुराकी रेशे पेट साफ़ करतें हैं जिनका सब्जी में डेरा होता है .बोवेल मूवमेंट को गतिमान करतें हैं .

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  5. बहुत बढ़िया लिखा है ....

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  6. आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार के चर्चा मंच पर भी की गई है! आपके ब्लॉग पर पहुँचेंगे तो
    चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।

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  7. पंखो को फैला उड़ा , मिला खुला आकाश |
    जीवन-नौका से करूँ, खुद की खुदी तलाश ||

    जीवनोपयोगी दोहे और कुंडलियां।
    बहुत बढि़या।

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  8. पढकर वाकई आनंद आ गया..बहुत बढि़या।

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  9. प्यार बढ़े मदहोश हों, बेशक औरत मर्द |
    मदद दू
    सरा क्यों करे, बढ़ जाए जब दर्द ??
    पैदल चलने से सरल, नहीं है कोई योग |
    सेहत की सेहत सही, बने बचत का जोग ||
    सार्थक सौदेश्य ,दोहे .आभार रविकर जी .

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  10. सार्थक सौदेश्य ,दोहे .और कुण्डलियाँ आभार रविकर जी .

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  11. बहुत सुन्दर लगा ! शानदार प्रस्तुती!
    दुर्गा पूजा पर आपको ढेर सारी बधाइयाँ और शुभकामनायें !
    मेरे नए पोस्ट पर आपका स्वागत है-
    http://seawave-babli.blogspot.com
    http://ek-jhalak-urmi-ki-kavitayen.blogspot.com/

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  12. .सुन्दर भावाभिवाक्ति बधाई .

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  13. वाह ...बहुत बढि़या।

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