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Thursday, 2 February 2012

बताइये कौन है ??

चतुर हिम्मती निपुण भट, धुन का वह धौंताल ।
धौंक-धौंक धर धौंजता, धमक स्वर्ग-पाताल ।
धमक स्वर्ग-पाताल, देख लो तीन पाख तक ।
खर्चे लाखों-लाख, राखता गिरों शाख तक ।
यू पी पूछे नाम, ऊंघता कुम्भकरण फिर।
सोवे सालों साल, जगे क्यूँ फिर वो शातिर ??

5 comments:

  1. वाह भई वाह क्या कहने हैं आपके !!!!

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  2. इसमें आपने अपनी पैनी निगाह ख़ूब दौड़ायी है। साधुवाद।

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  3. .बहुत खूब रविकर बाबू .

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