Thursday, 24 May 2012

भगवन गर नाराज, पड़े डाक्टर के द्वारे-

हास्यफुहार

तुम रूठा न करो मेरी जान निकल जाएगी

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बड़ा मस्त अंदाज है, सीधी साधी बात |
अट्ठाहास यह मुक्त है, मुफ्त मिली सौगात |

मुफ्त मिली सौगात, डाक्टर हों या भगवन |
करिए मत नाराज, कभी दोनों को श्रीमन |

भगवन गर नाराज, पड़े डाक्टर के द्वारे |

डाक्टर गर नाराज, हुए भगवन के प्यारे||

11 comments:

  1. भगवन गर नाराज, पड़े डाक्टर के द्वारे |
    डाक्टर गर नाराज, हुए भगवन के प्यारे||

    बहुत बढ़िया,,,,,

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  2. बढ़िया प्रस्तुति..

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  3. वाह ...बहुत बढि़या।

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  4. बहुत बढ़िया प्रस्तुति!
    आपकी प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार के चर्चा मंच पर लगाई गई है!
    चर्चा मंच सजा दिया, देख लीजिए आप।
    टिप्पणियों से किसी को, देना मत सन्ताप।।
    मित्रभाव से सभी को, देना सही सुझाव।
    शिष्ट आचरण से सदा, अंकित करना भाव।।

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  5. मुफ्त मिली सौगात, डाक्टर हों या भगवन |
    करिए मत नाराज, कभी दोनों को श्रीमन |

    भगवन गर नाराज, पड़े डाक्टर के द्वारे |
    डाक्टर गर नाराज, हुए भगवन के प्यारे||
    बढ़िया व्यंग्य .

    बढ़िया व्यंग्य .मम्मी हों नाराज़ दिखें दिन में भी तारे ,कहो भाई मोहन प्यारे ,अरे भाई राज -दुलारे .

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  6. क्या बात.....बहुत बढ़िया

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  7. सही है, दोनों को कभी नाराज़ नहीं करना चाहिए।

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  8. Very nice post.....
    Aabhar!

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  9. बहुत ही बेहतरीन और प्रशंसनीय प्रस्तुति....


    हैल्थ इज वैल्थ
    पर पधारेँ।

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