Thursday, 2 January 2014

आगे पीछे सिरफिरे, फिरे नहीं इस बार-


फूली फूली फिर फिरे, धनिया बीच बजार । 
आगे पीछे सिरफिरे, फिरे नहीं इस बार । 

फिरे नहीं इस बार, धार कानूनी तीखी । 
लें व्यवहार सुधार, सोच भी साधु सरीखी। 

रविकर रहे सचेत, करे ना हुक्म-उदूली। 
कई धुरंधर खेत, देखकर धनिया फूली ॥ 

5 comments:

  1. बहुत सुन्दर. नव वर्ष की शुभकामनाएँ !!
    नई पोस्ट : नींद क्यों आती नहीं रात भर

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  2. बहुत सुंदर प्रस्तुति...!
    नव वर्ष की हार्दिक बधाई और शुभकामनाए...!
    RECENT POST -: नये साल का पहला दिन.

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  3. बहुत बढ़िया !
    नया वर्ष २०१४ मंगलमय हो |सुख ,शांति ,स्वास्थ्यकर हो |कल्याणकारी हो |
    नई पोस्ट विचित्र प्रकृति
    नई पोस्ट नया वर्ष !

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  4. सुन्दर प्रस्तुति नया साल आपको और आपके परिवार को भी मुबारक फलें फूलें लिखें इसी तरह आप .

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