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Thursday, 18 July 2013

हुवे पुरुष कुल फेल, पास होता इक-आधा-




देश बड़ा है घर की बनाते हैं

सुशील  

 भाँजा पञ्जा में मगन, भाई थामे तीर |
कमल कमंडल हाथ में, लिए भतीजा वीर |

लिए भतीजा वीर, बैठ हाथी पर बीबी |
पुत्र साइकिल साथ, मुलायम बड़े करीबी |

बढ़िया किया जुगाड़, सभी झंडे घर गाँजा |
सत्ता तक है पहुँच, मुहल्ले रविकर भाँजा ||


कौन कहता है हमारे बच्चे भूखे मर रहे हैं

Bamulahija dot Com 

खाते पीते लोग हम, हैं सारे संजोग । 
नहीं भुखमरी हो यहाँ, नहीं कुपोषित लोग । 
नहीं कुपोषित लोग,  आयरन गोली खाए । 
देह करे इनकार, खाय के पलटी आये ।
खाकर मरते आज, मील मिड डे हैं पाते -
खोते ये पंजाब, आज बच्चों को खाते -

साम्प्रदायिकता की आड़ में नाकामियों पर पर्दा डालनें की कोशिश !!


पूरण खण्डेलवाल 

 नाकारी सरकार से, गिरते अन्धे-कूप |
आई है नाकामियाँ, सत्ता नाना रूप |

सत्ता नाना रूप, दुबारा नानी मरती |
घटती जाए ग्रोथ, नहीं मँहगाई थमती |

मोदी सत्य उवाच, हदें तोड़ें ये सारी  |
अबकी मौका पाय, हटा सत्ता नाकारी ||



स्वर्ग पिता को भेज, लिया पति* से छुटकारा -


आधा बेंचा खेत तो, पूरा किया दहेज़* |
आधा बाँटे बहन फिर, स्वर्ग पिता* को भेज |

स्वर्ग पिता को भेज, लिया पति* से छुटकारा |
बाँटी आधा माल, करे फिर ब्याह दुबारा |

रविकर नौ मन तेल, नहीं नाचे फिर राधा |
हुवे पुरुष कुल फेल, पास होता इक-आधा ||

*नए कानूनों के परिप्रेक्ष्य में -



6 comments:

  1. सुन्दर और अच्छे सूत्रों का संयोजन और उतनी ही सटीक कुंडलियाँ !!
    सादर आभार !!

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  2. भाँजा पञ्जा में मगन, भाई थामे तीर |
    कमल कमंडल हाथ में, लिए भतीजा वीर |

    लिए भतीजा वीर, बैठ हाथी पर बीबी |
    पुत्र साइकिल साथ, मुलायम बड़े करीबी |

    बढ़िया किया जुगाड़, सभी झंडे घर गाँजा |
    सत्ता तक है पहुँच, मुहल्ले रविकर भाँजा ||

    Ha-ha-ha Sateek, ravikar jee !

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  3. आपकी यह रचना आज शुक्रवार (19-07-2013) को निर्झर टाइम्स पर लिंक की गई है कृपया पधारें.

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  4. बहुत सुदर लिंक्स
    बढिया

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  5. यथार्थपरक

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