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Thursday, 12 April 2012

सात पुश्त के लिए, सम्पदा जम के जोड़ो-

 

" झपट लपक ले पकड़ "

  पाँच साल से पैक है, इक नौ लखा मशीन ।
नई योजना ली बना, हो प्रोजेक्ट विहीन ।


हो प्रोजेक्ट विहीन, मिलेंगे पुन: करोड़ों ।
सात पुश्त के लिए, सम्पदा जम के जोड़ो ।

ड्राइवर माली धाय, खफा हैं चाल-ढाल से ।
पत्नी पुत्री-पुत्र, बिगड़ते पाँच साल से ।।


मन्त्र-शक्ति से था बसा, पहले त्रिपुर-स्थान ।
लटक गए त्रिशंकु भी,  इंद्र रहे रिसियान ।

इंद्र रहे रिसियान, हुए क्रोधित त्रिपुरारी ।
मय दानव का मान, मिटाई कृतियाँ सारी ।

बसते नगर महान, आज फिर  तंत्र-शक्ति से ।
 पर पहले संसार, सधा था मन्त्र-शक्ति से ।।
गिरीश  मुकुल 

इश्क प्रेम  लव  पर  

भैया बहुत सटीक है, भौजी जी मनमार |
दर्दे दिल की दें दवा, प्यार भरा उपहार |
प्यार भरा उपहार, पीर तो अरुण-किरण है |
फैले अब उजियार, प्रतिमा राम चरण है |
तरिहे  गौतम नार, जमा मिष्ठान खवैया |
रविकर भी है साथ, देखता भौजी भैया ||


  

3 comments:

  1. ड्राइवर माली धाय, खफा हैं चाल-ढाल से ।
    पत्नी पुत्री-पुत्र, बिगड़ते पाँच साल से ।।
    बेहतरीन पोस्ट .

    MY RECENT POST...काव्यान्जलि ...: आँसुओं की कीमत,....

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  2. विभिन्न रंग दिखे।

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  3. बहुत खूब लिखा है जी आप ने........

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