Follow by Email

Monday, 3 September 2012

प्रवास पर पढ़े पेपर पर-प्रतिक्रिया

1
खोटा सिक्का चल रहा, खरा थामता माथ ।
ब्लैक कोयला ब्लाक से, होते काले हाथ ।
होते काले हाथ, हाथ दो दो हो जाए ।
मोहन मोटा माल, चले चेहरा चिपकाए ।
मैया मैं निर्दोष,  माल ना खायो मोटा । 
जसुमत का आक्रोश, चलाती सिक्का खोटा ।

2
खाया मोटा माल था, द्वापर युग का लाल ।
किया कालिया दाह था, लाल निकाले बाल ।
लाल निकाले बाल, बाल की खाल हालिया ।
हगे लाल अंगार, कोयला दुष्ट कालिया ।
बदला लेता आज, नचाये नाच तिगनिया ।
मोहन माखन खाय, बकाये सारी दुनिया । 


3
माफ़ी मिले कसाब को, बजरंगी को मौत ।
V T पर थी मुमुक्ष्ता, गिरे गोधरा घौत ।
 गिरे गोधरा घौत, सौत नानी कुडनानी ।
असम सरीखे क़त्ल, बड़ी दमदार कहानी ।
अमृत चखा कसाब, अगर लटकेगा फांसी ।
होगी अफजल गुरू, वर्ल्ड-अन्डर परिहासी ।।

4

अमिताभ का कुत्ता फेसबुक पर : मेरी टिप्पणी 
यह कुत्ता अमिताभ का, वो उनका है शेर ।
दोनों भौं भौं ना करें, अभी मौन का फेर ।
अभी मौन का फेर, जया अब तुम्हीं बताओ ।
वासेपुर का मांस, हमेशा सुबह खिलाओ ।
गधे गड-करी ग्रास, कहो कब इनको खाऊं ?
है भारी बरसात, कहाँ सर-कार डुबाऊँ ??

6 comments:

  1. बहुत ही बढिया ।

    ReplyDelete
  2. वाह जी वाह .. किसी कुनाह्गार को बख्शना ठीक नहीं होता ...
    मज़ा आ गया ...

    ReplyDelete
  3. सभी कुण्डलियाँ बहुत बढ़िया लिखीं हैं आपने!

    ReplyDelete