Follow by Email

Sunday, 13 May 2012

गांधी जी का शुद्ध चित्त, ठीक करे बीमार-

महामारी के समय की गई सेवा

मनोज कुमार at विचार

मिट्टी की पट्टी करे, जहाँ रोग उपचार |
गांधी जी का शुद्ध चित्त, ठीक करे बीमार |

ठीक करे बीमार, स्वयं भी रहे निरोगी |
उदाहरण ना अन्य, मिलें ना ऐसे योगी |

बड़ा भयंकर प्लेग, जहाँ गुम सिट्टी-पिट्टी |
गई व्यवस्था भाग, वहाँ बापू की मिट्टी ||
आशा जोगळेकर at स्व प्न रं जि ता

पुत्र दिवस

मैं माँ का अनमोल खिलौना ।
नन्हा मुन्हा प्यारा छौना ।
थपकी दे माथा सहलाती  
लोरी गाती दूध पिलाती 
सूखे में सरकाती जाती - 
भीगा माँ का रहे बिछौना । 
मैं माँ का अनमोल खिलौना ।।

महिलाओं के मानसिक तनाव से जुड़ा है उनका हृदय-रोग

कुमार राधारमण at स्वास्थ्य
जीवित रचनाएं रचें, संस्कार से साज ।
वर्ष बीस-पच्चीस में, निपटाएं सब काज ।

निपटाएं सब काज, फ्री होकर के बैंठी ।
मियाँ निखट्टू पास, रहें दिनभर वो ऐंठी ।

उनका टेंसन एक, मियां दिन मस्त बिताये ।
दिल बेहद मजबूत, सदा पति को हडकाए  ।। 


5 comments:

  1. नैतिक मूल्य ज़रूरी हैं।

    ReplyDelete
  2. उनका टेंसन एक, मियां दिन मस्त बिताये ।
    दिल बेहद मजबूत, सदा मनवा भरमाये ।।

    बहुत बढ़िया,......

    ReplyDelete
    Replies
    1. अच्छा है बीबी नहीं पढ़ती |
      नहीं तो बेहिसाब पड़ती ||

      Delete
  3. बहुत बढ़िया,......

    ReplyDelete
  4. सुंदर !
    सारी बीबीयाँ अपने शौहरों को पढ़ती हैं
    गलतफहमी में ना रहें ।

    ReplyDelete