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Thursday, 11 October 2012

मगर अरबपति बने, फटाफट टुंडे-मुंडे-




गेस्ट पोस्ट :फुटकर शैर राधे श्याम शुक्ल

Virendra Kumar Sharmaat

टुंडे - मुंडे खे रहे, भरी भारती नाव |
सात समंदर पार कर, पहुँचेगी उस गाँव |
पहुँचेगी उस गाँव, जहाँ बचुवा का नाना |
बचिया का हसबैंड, बताये देश "बनाना" |
टाटा को सौ साल, चले अब हुंडी-हुंडे |

किन्तु अरबपति बने, फटाफट टुंडे-मुंडे ||

ख़ूबसूरत चीज़ें

कौशलेन्द्र 
 बस्तर की अभिव्यक्ति -जैसे कोई झरना....

अदा

 खेतों में बेगार ने, उपजाया खुब धान ।

चलती है दादागिरी, जूठन करता दान ।।

बाप

खच्चर खोजें आज भी, डी एन ए की लैब ।

काबुल में खोजा मगर, नहीं दिखा कुछ ऐब ।।

ख़ूबसूरत चीज़ें

याद मधुमयी से हुआ, हमें घोर मधुमेह ।

तलुवे में जो घाव है,  हुई अपाहिज देह ।।

जल रहे हैं

मधुमक्खी वे पालती, हैं हजार मजदूर ।
हुक्म चलाती इस तरह, मानूँ मैं मजबूर ।।


पीला गुलाब 4 & 5.

प्रतिभा सक्सेना 
 लालित्यम्
पार्वती शिव ब्याह से, माँ क्षोभित हो जाय |
बेटी आगे बढ़ कहे, जनि कलंक लो माय |
जनि कलंक लो माय, कीजिये भाग्य भरोसे  |
क्यूँकर आँखें मूंद, आज भी किस्मत कोसे |
बन कन्या मजबूत, बदलना यह  सती मती |
होना होगा मुखर,  बने अब क्यूँ कर पार्वती ||

कूँची नहीं कटारी है : गजल कहने की कोशिश

रूह बदन पर भारी है ।
ये कैसी बीमारी है ।।

दुराचार का आरोपी  
भैया का व्यवहारी है ।।

 माया ने सबको लूटा-
 अब तो अपनी बारी  है ।।

आड़ी तिरछी रेखाएं -
कूँची नहीं कटारी है ।।

मँहगाई जिसको कहते -
 यक कोड़ा सरकारी है ।।

घोटाला उनकी नज़रों में 
एक खबर अखबारी है ।।

भ्रूण-नष्ट दुर्गा के रविकर । 
महिषा अत्याचारी है ।।



11 comments:

  1. बढ़िया ग़ज़ल है!
    अन्त में एक शेर और जोड़कर मक्ते में अपना नाम भी दीजिए।

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  2. bahut badhiya,"ghotala enki nazaron me.....

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  3. वाह ... बहुत ही बढिया।

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  4. वाह बेहतरीन बेहद सुन्दर लिंक लिक्खाड़ से मुझे सदैव प्रेरणा मिलती है.

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  5. बहुत बढ़िया अभिव्यक्ति ,,,,,,

    MY RECENT POST: माँ,,,

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  6. बढिया लिंक्स
    शुभकामनाएं

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  7. बहुत सुन्दर प्रस्तुति ...

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  8. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार (13-10-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
    सूचनार्थ!

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  9. अभी कुछ पढ़ना बाकी है .रुचि से पढ़ रही हूँ ये लिंक्स.
    'पीला गुलाब' चुना इसका आभार !
    .

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  10. इस ब्लॉग पर पहली बार अपनी रचना देखी है |
    मेरी रचना शामिल करने के लिए आभार |
    आशा

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