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Thursday, 25 October 2012

बाड्रा ना सलमान, हुआ बदनाम पूर्ती -



 जैराम कक्कू........

निर्दोष दीक्षित 
जय जय जय जयराम जी, जय जय राम रमेश ।
शौचालय से जोड़ते, बबलू शादी केस ।
बबलू शादी केस, ठेस लगती है भारी ।
शौचालय गर नहीं, रखेंगे सुता कुँवारी ।
मोबाइल दो बाँट, जमीने रक्खो लय लय ।
टॉयलेट गर नहीं, कुंवारा बबलू जय जय ।।

कार्टून कुछ बोलता है- एक नया योग !

पी.सी.गोदियाल "परचेत"  

पूर्ती का इक अर्थ है, गुणन गुणा का काम ।
फुर्ती से कर पूर्ती, दे मंत्री पैगाम।
 दे मंत्री पैगाम, रास्ता बड़ा बना लो ।
छोटा सा इक पाथ, हमारे घर में ढालो ।
पतली चलनी आज, मोटा सूप बिसूरती ।
बाड्रा ना सलमान, हुआ बदनाम पूर्ती ।।

काश यह खबर भी 'उल्टा पुल्टा' हो 

atul shrivastava

बांटा जीवन भर हँसी, जय भट्टी जसपाल |
हंसगुल्ले गढ़ता रहा, नानसेंस सी चाल |
नानसेंस सी चाल, सुबह ले लेता बदला |
जीवन भर की हँसी, बनाता आंसू पगला |
उल्टा -पुल्टा काम, हमेशा तू करता है |
सुबह सुबह इस तरह, कहीं कोई मरता है ||

सादर नमन 

जसपाल भट्टी


खींचो खुदकी रेख, कहाँ ले खींचे लक्ष्मण


File:Ravi Varma-Ravana Sita Jathayu.jpgलक्ष्मण रेखा लांघती, लिए हथेली जान
बीस निगाहें घूरती, खुद रावण पहचान 

खुद रावण पहचान, नहीं ये तृण से डरता
मर्यादा  को  भूल, हवस बस पूरी  करता 


सुनो बड़ों की सीख, ठीक पहचानो रावण
खींचो खुदकी रेख, कहाँ ले खींचे लक्ष्मण

बच्चे चार करोड़ जब, गए रास्ता भूल-

  शिक्षा
बच्चे चार करोड़ जब, गए रास्ता भूल ।
मिड-डे  भोजन पच रहा, झोंक आँख में धूल ।।

एकल रहती नार, नहीं प्रतिबन्ध यहाँ है-


दादा को क्यूँ ले गया, लाल किला मैदान ।
दिव्य-ज्योति घर टाँगता, ऐ बालक नादान ।
ऐ बालक नादान, उन्हें सब सही दीखता ।
रावण लें पहचान,  कलेजा जोर चीखता ।
देते किसे जलाय, जलाने का रख मादा ।
बड़ी खोपड़ी जाय, जलाया किसको दादा ??

9 comments:

  1. शुक्रिया रविकर जी , १० जनपथ वाला व्यंग कार्टून भी अच्छा लगा !

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  2. बहुत ही अच्‍छी प्रस्‍तुति।

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  3. जोरदार लिंक्स दिये हैं आपने धन्यवाद।

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  4. काश यह खबर भी 'उल्टा पुल्टा' हो

    ATUL SHRIVASTAVA

    बांटा जीवन भर हँसी, जय भट्टी जसपाल |
    हंसगुल्ले गढ़ता रहा, नानसेंस सी चाल |
    नानसेंस सी चाल, सुबह ले लेता बदला |
    जीवन भर की हँसी, बनाता आंसू पगला |
    उल्टा -पुल्टा काम, हमेशा तू करता है |
    सुबह सुबह इस तरह, कहीं कोई मरता है ||
    वियोगी होगा पहला कवि ,आह से निकला होगा गान ,

    निकल कर अधरों से चुपचाप ,बही होगी कविता अनजान .

    पीड़ा में आनंद जिसे हो आये मेरी मधुशाला .

    आये रविकर की शाला .

    तंज के इस बादशाह को सही श्रृद्धांजलि दी है आपने .वह जो मज़ाक मज़ाक में बड़ी बात कह देता था ,यूं ही चला गया बिना मजाक किए .

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  5. Virendra Sharma
    तंज के इस बादशाह को सही श्रृद्धांजलि दी है आपने .वह जो मज़ाक मज़ाक में बड़ी बात कह देता था ,यूं ही चला गया बिना मजाक किए .


    बांटा जीवन भर हँसी, जय भट्टी जसपाल |



    हंसगुल्ले गढ़ता रहा, नानसेंस सी चाल |


    नानसेंस सी चाल, सुबह ले लेता बदला |


    जीवन भर की हँसी, बनाता आंसू पगला |


    उल्टा -पुल्टा काम, हमेशा तू करता है |


    सुबह सुबह इस तरह, कहीं कोई मरता है ||

    एक प्रतिक्रिया ब्लॉग पोस्ट :काश यह खबर भी 'उल्टा पुल्टा' हो

    ATUL SHRIVASTAVA

    http://dineshkidillagi.blogspot.com/2012/10/blog-post_3591.html?showComment=1351180014640#c4211528519235343536

    "लिंक-लिक्खाड़": बाड्रा ना सलमान, हुआ बदनाम पूर्ती -
    dineshkidillagi.blogspot.com
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  6. वाह: बहुत बढ़िया..

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  7. बहुत अच्छे .पर सबसे अच्छा आखिरीवाला.

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  8. मुझे यहां अच्छा लगता है,
    कम लिंक्स होते हैं, लेकिन चुनिंदा होते हैं.

    बहुत बढिया

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