Follow by Email

Wednesday, 23 January 2013

उद्धव द्वापर में व्यथित, फिर आये कलिकाल-




गुलामी का असर,,,

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया 
छोड़ा है कुछ भी नहीं, सबको लिया लपेट |
संस्कार के गाल पर, पड़ते रहे चपेट |

पड़ते रहे चपेट, आज का नकली जीवन |
देखो राधा नाच, तेल बहता है नौ-मन |

परंपरा को तोड़, आधुनिकता तो जोड़ा |
लेकिन भौंड़ी नक़ल, कहीं का नैहै छोड़ा ||


ग्रीडी बा- शिंदे बहुत, सत्ता से है मोह |
आँके ना बलिदान को, करे हिन्दु से द्रोह |
करे हिन्दु से द्रोह, मगर हे संघी भाई |
नागपुरी-संतरे, यहाँ जो कलम लगाईं |
कांटे उगते देख, भला क्यूँ अपनी हाँके |
जाय गलत सन्देश, देश भी कमतर आँके ||

उद्धव द्वापर में व्यथित, फिर आये कलिकाल ।
चाक़ू पाकर गोपियाँ, काटें कामुक-चाल ।

काटें कामुक-चाल, श्याम भी अब घबराए ।
खुद को रहे सँभाल, नहीं यमुना तट जाए ।

*भौमासुर अपहरित, हजारों बाला माधव 
बंधन से आजाद, कराओगे कब उद्धव ??
*सोलह हजार राजकुमारियों को बंधक बनाने वाला

कृष्ण तुम मोडर्न बन जाओ !


Kalipad "Prasad" 
चाकू रखती गोपियाँ, शिवसेना दे बाँट |
नहीं  जोहती बाट अब, सीधे देती काट |
सीधे देती काट , कृष्ण छल-रूप सुधारो |
छेड़छाड़ अपराध, सीटियों यूँ न मारो |
डाल जींस टी-शर्ट, बनो न कृष्ण हलाकू |
मनमोहन गर मौन, चलाये ममता चाकू ||

**~" बच्चों के लिए गुब्बारे ले लो ना आंटी...." ~**

Anita (अनिता) 

बड़ा मार्मिक दृश्य है, सर्दी का एहसास |
धुंध गोमती तट विषद, स्वेटर भी नहिं पास |

स्वेटर भी नहिं पास, निराशा तब बढ़ जाती |
जब उसके बैलून, नहीं उसके ले पाती |

पर बढ़िया संकल्प, जाएँ जब उधर दुबारा  |
कपडे लत्ते साथ, खरीदो कुल गुब्बारा ||
शिंदे फंदे में फंसे, नाखुश हाइ-कमान |
निकला-तीर कमान से, है मुश्किल में जान |

है मुश्किल में जान, बयानी जान-बूझकर |
कई मर्तबा झूठ, करे गुल बिजली रविकर |

करते रहते बीट, विदेशी ढीठ परिंदे |
लगता वो तो मीठ, बुरे लगते बाशिंदे ||

ZEAL

 ZEAL
पंजा-वाले से भला, खुरवाला खुद्दार ।
परम्परागत चाल से, करे जाति-उद्धार ।
करे जाति-उद्धार, जलाशय पद्म उगाये  
  तोडूं तारे-चाँद, कथ्य पंजा भरमाये ।

गंगा गीता गाय, पूजने खिलता *अंजा।
छक्का पंजा करे,  सदा ही खूनी पंजा ।।
अंज = पद्म , कमल 

हम बिहार के लोग, हुवे जाते हैं आदी-

अंकुश फौजी बन गया, पासिंग पास परेड ।
किन्तु पकडुवा व्याह हित, किडनेप करे ब्रिगेड।
किडनेप करे ब्रिगेड, जबरदस्ती हो शादी ।
हम बिहार के लोग,  हुवे जाते हैं आदी ।
गौना अगले माह, नहीं अब कोई नाखुश ।
स्वर्ण पदक दे फौज, बहादुर फौजी अंकुश ।।

  संतोष त्रिवेदी  

हाथ-पैर में बल पड़े, शुरू देह में खाज |
सैनिक सेनापति खड़े, गिरे जहर की गाज |

गिरे जहर की गाज, अजब चित्रण है भाई |
फिर भी है संतोष, करें केवल उबकाई |

चलें शब्द के तीर, मीर जो मारे पहले |
जन-गण-मन को चीर, मार नहले पे दहले ||


8 comments:

  1. आदरणीय गुरुदेव श्री प्रणाम, क्या पढूं और क्या नहीं, किसकी तारीफ करूँ और किसको रहने दूँ. सभी एक से बढ़कर एक हैं. हार्दिक बधाई स्वीकारें. सादर

    ReplyDelete
  2. टिप्पणियों की माला में-
    बढ़िया कुण्डलियों के मनके पिरोये हैं आपने!

    ReplyDelete
  3. अच्छी रचनाएँ सर!
    मेरी रचना को स्थान देने के लिए धन्यवाद ! आपने तो उसे एक सुंदर कविता का रूप दे दिया.... आभार !:)
    ~सादर!!!

    ReplyDelete
  4. चाक़ू पाकर गोपियाँ, काटें कामुक-चाल -
    उद्धव द्वापर में व्यथित, फिर आये कलिकाल ।
    चाक़ू पाकर गोपियाँ, काटें कामुक-चाल ।

    काटें कामुक-चाल, श्याम भी अब घबराए ।
    खुद को रहे सँभाल, नहीं यमुना तट जाए ।

    *भौमासुर अपहरित, हजारों बाला माधव ।
    बंधन से आजाद, कराओगे कब उद्धव ??
    *सोलह हजार राजकुमारियों को बंधक बनाने वाला

    बाला साहब के जन्मदिन पर महिला सशक्ति करण के नए आयाम -बाला चाक़ू राखिये ,बिन चाक़ू सब सून

    ReplyDelete
  5. चाकू रखती गोपियाँ, शिवसेना दे बाँट |
    नहीं जोहती बाट अब, सीधे देती काट |
    सीधे देती काट , कृष्ण छल-रूप सुधारो |
    छेड़छाड़ अपराध, सीटियों यूँ न मारो |
    डाल जींस टी-शर्ट, बनो न कृष्ण हलाकू |
    मनमोहन गर मौन, चलाये ममता चाकू ||

    बहुत बढ़िया सर जी .

    ReplyDelete
  6. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता सुषमा स्वराज ने गुरुवार को कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री सुशीलकुमार शिंदे को हिंदू आतंकवाद पर उनकी टिप्पणी के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाना चाहिए क्योंकि इससे राष्ट्रीय हितों को चोट पहुंची है। सुषमा ने शिंदे को अपनी सीमाएं न लांघने की हिदायत देते हुए कहा कि कांग्रेस को लाभ पहुंचाने या भाजपा को नुकसान पहुंचाने की हद तक राजनीति की जा सकती है लेकिन इसे उस स्तर पर नहीं ले जाया जा सकता, जहां इससे राष्ट्रीय हित प्रभावित हों।

    लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा यहां जंतर मंतर पर एक विरोध रैली को सम्बोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी चाहती है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी इस मुद्दे पर माफी मांगें। उन्होंने कहा, "सोनिया गांधी को देश से माफी मांगनी चाहिए और शिंदे को बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए।" सुषमा ने शिंदे के सम्बंध में कहा, "आपने ऐसे समय में राष्ट्रीय हितों को चोट पहुंचाई है, जब पाकिस्तान की ओर से हमारे सैनिकों के सिर कलम किए गए हैं। आप पाकिस्तान पर हमला नहीं कर रहे हैं लेकिन मुख्य विपक्षी दल पर हमला कर रहे हैं।"

    उन्होंने कहा, "आप दुनिया से क्या कहना चाहते हैं? क्या आप कहना चाहते हैं कि पाकिस्तान में आतंकवादी शिविर हो सकते हैं लेकिन यहां मुख्य विपक्षी दल आतंकवादी शिविर चला रहा है! क्या आप कहना चाहते हैं कि आतंकवादी संसद में बैठे हैं? लोकसभा में विपक्ष की नेता एक आतंकवादी संगठन चला रही हैं?" गौरतलब है कि शिंदे ने जयपुर में कांग्रेस के चिंतन शिविर के दौरान रविवार को कहा था, "भाजपा हो या राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) उनके प्रशिक्षण शिविर हिंदू आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं।" शिंदे की इस टिप्पणी के खिलाफ भाजपा गुरुवार को देशव्यापी विरोध-प्रदर्शन कर रही है।

    यह तो शुरुआत है प्रदर्शन ज़ारी रहेंगे .इस देश का स्वाभिमान मरा नहीं है अंधा राजा ,गूंगी रानी ,दिल्ली की अब यही कहानी .बदली जायेगी ये कहानी .

    शिंदे को बर्खास्त करे कांग्रेस : सुषमा स्वराज
    http://www.liveaaryaavart.com/
    शिंदे फंदे में फंसे, नाखुश हाइ-कमान |
    निकला-तीर कमान से, है मुश्किल में जान |

    है मुश्किल में जान, बयानी जान-बूझकर |
    कई मर्तबा झूठ, करे गुल बिजली रविकर |

    करते रहते बीट, विदेशी ढीठ परिंदे |
    लगता वो तो मीठ, बुरे लगते बाशिंदे ||

    ReplyDelete
  7. बहुत सुंदर प्रस्तुति,,,,आभार रविकर जी,,,

    ReplyDelete