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Monday, 21 January 2013

है सभ्यता महान, बोल अब तो-बा-शिंदे ---



बाशिंदे अतिशय सरल, धरम-करम से काम  ।
सरल हृदय अपना बना,  देखे उनमें राम ।

 देखे उनमें राम, नम्रता नहीं दीनता ।
दीन धर्म ईमान, किसी का नहीं छीनता ।

पाले हिन्दुस्थान,  युगों से जीव-परिंदे ।
है सभ्यता महान, बोल अब तो-बा-शिंदे ।।
 
 तो-बा-शिंदे बोल तू , तालिबान अफगान ।
काबुल में विस्फोट कर, डाला फिर व्यवधान ।
डाला फिर व्यवधान, यही क्या यहाँ हो रहा ?
होता भी है अगर, वजीरी व्यर्थ ढो  रहा ।
फूट व्यर्थ बक्कार, इन्हें चुनवा दे जिन्दे ।
होवे खुश अफगान, पाक के तो बाशिंदे ।। 
 

शहनवाज-गडकरी, पार्टी यह आतंकी-

माधौ संघी करें ट्विट,  दिग्गी करें कमेन्ट ।
साहब हाफिज सईद जी, ईष्ट सेंट-पर-सेंट ।
ईष्ट सेंट-पर-सेंट, हमारे स्वामी आका ।
पार्टी लाइन यही, खींचते जाएँ खाका ।
शहनवाज-गडकरी, पार्टी यह आतंकी ।
प्यादे ऊंट वजीर, करे रानी नौटंकी ।।

"चिन्तन-मन्थन"

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण)  
  उच्चारण 

शांतचित्त गुरुवर व्यथित, गीदड़ की सरकार |
कुत्ते इज्जत लूटते, नारी करे पुकार |
नारी करे पुकार, गला सैनिक का रेता |
धारदार हथियार, किन्तु बैठा चुप नेता |
इनकी जय जय कार, देश भक्तों को गाली |
सारी जनता आज, खड़ी बन यहाँ सवाली ||

सोये आतंकी पड़े, छाये भाजप संघ |

आरोपी तैयार है, आओ सीमा लंघ ||

जैसे मन वैसे संहारो ||


 पेट फटे नक्सल लटे, डटे बढे उन्माद  |

गले कटे भारत बटे, लो आंसू पर दाद |

खाली कुर्सी चलो पधारो ||



चालीसवां दामिनी का, निकले आंसू आज |

कैसा यह चिंतन सखे, आस्कर इन्हें नवाज |

चालू है नौटंकी यारो ||

नारा ढीला हो गया, निन्यानवे बटेर-

नारा ढीला हो गया, निन्यानवे बटेर  |

पहुँचायें सत्ता सही, चाहे देर सवेर |

चाहे देर सवेर, गरीबी रेखा वालों |

फँसता मध्यम वर्ग, साथ अब इन्हें बुला लो  |

मँहगाई की मार, टैक्स ने भी संहारा |

लाल-कार्ड बनवाय, लगायें हम भी नारा |

है वजीर यह पिलपिला, पिला-पिला के पैग-

है वजीर यह पिलपिला, पिला-पिला के पैग ।

 पैदल-कुल बकवा रहे , दे आतंकी टैग -

फिर से नई विसात बिछाये ।

देश-भक्त कहलाता जाए  ।।

देश गलतियाँ भुगतता, हर पीढ़ी की चार ।

रोज गर्त में जा रहा, जिम्मा ले परिवार ।

नए नए नारे बहकाए ।

देश-भक्त कहलाता जाए  ।।

4 comments:

  1. बहुत बढ़िया भाई साहब .

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  2. बहुत कुछ कह दिया कुछ न कह कर ,टिंडे मारे जायेंगे २०१४ के समर में अपनी मौत

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  3. प्रभावशाली ,
    जारी रहें।

    शुभकामना !!!

    आर्यावर्त
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